नई दिल्ली में जारी आँकड़ों के अनुसार, भारत के मुख्य क्षेत्र में विकास दर सितंबर में बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गई, जबकि अगस्त में यह 5.9 प्रतिशत थी। यह वृद्धि बुनियादी ढाँचे के उद्योगों में उत्पादन में तेजी को दर्शाती है। कोयला, सीमेंट, इस्पात, और बिजली जैसे क्षेत्रों ने इस विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सकारात्मक रुझान आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकेत है। सरकार ने बुनियादी ढाँचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं, जिनका असर अब दिखाई दे रहा है। यह वृद्धि आने वाले महीनों में समग्र आर्थिक विकास को गति देने में मदद कर सकती है। यह आँकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक उत्साहजनक संकेत है।