अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने स्कूल प्रवेश में नस्ल के आधार पर होने वाले भेदभाव से जुड़े एक मामले की सुनवाई करने का निर्णय लिया है। कुछ अभिभावकों का आरोप है कि स्थानीय प्रवेश नीति अश्वेत और लैटिनो छात्रों को बढ़ावा देती है, जबकि एशियाई छात्रों के लिए अवसरों को सीमित कर देती है। उनका दावा है कि यह नीति उचित नहीं है और एशियाई अमेरिकी छात्रों के साथ भेदभाव करती है। यह मामला अमेरिका में शिक्षा के क्षेत्र में समानता और नस्लीय विविधता से जुड़े बड़े सवालों को जन्म देता है। सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय देश भर के विश्वविद्यालयों और स्कूलों में प्रवेश नीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। अदालत इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनेगी और फिर अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले की सुनवाई शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।