वाशिंगटन ने बोस्नियाई सर्ब नेता पर लगे प्रतिबंधों को हटा दिया है, जिससे वे बिना किसी प्रतिबंध के रूस के साथ निकट संबंध स्थापित करने के लिए स्वतंत्र हो गए हैं। यह कदम रूस को बोस्निया और हर्जेगोविना के भविष्य पर वीटो शक्ति प्रदान करने जैसा है। इस फैसले से बोस्निया में रूस का प्रभाव बढ़ेगा और देश की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका का यह निर्णय एक रणनीतिक भूल है। इससे रूस को बाल्कन क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ाने का अवसर मिलेगा। बोस्निया और हर्जेगोविना की सरकार इस फैसले से चिंतित है और उसने अमेरिका से स्पष्टीकरण मांगा है। यह घटनाक्रम क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।