युवा गृहस्वामित्व के स्तर वर्तमान में आदर्श स्थिति से काफी दूर हैं। देश जहां 'यूथ अपराइजिंग' की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है, वहीं आवास बाजार के आंकड़े एक अलग कहानी बयां कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में युवाओं की भागीदारी लगभग 40% थी। हालांकि, 2025 तक यह घटकर केवल 30% रह गई है। यह गिरावट दर्शाती है कि बाजार युवाओं को घर खरीदने के अवसर देने के बजाय उनसे दूर जा रहा है। यह प्रवृत्ति युवा पीढ़ी के लिए संपत्ति स्वामित्व को और अधिक कठिन बना रही है। कुल मिलाकर, आवास बाजार में युवाओं की घटती हिस्सेदारी एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है।