युगांडा के कंपाला उच्च न्यायालय ने मैल्कम लुकवीया को 16 दिनों तक बिना अदालत में पेश किए नालूफेन्या पुलिस स्टेशन, जिंजा में अवैध रूप से हिरासत में रखने के लिए 10 मिलियन शिलिंग (लगभग ₹10 लाख) का मुआवजा दिया है। न्यायमूर्ति बर्नार्ड नामन्या ने नागरिक विभाग में एक इलेक्ट्रॉनिक फैसले में यह फैसला सुनाया कि लुकवीया के व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। अदालत ने माना कि किसी भी व्यक्ति को कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही हिरासत में रखा जाना चाहिए। यह मामला व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानून के शासन के महत्व को रेखांकित करता है। मुआवजे का यह निर्णय पुलिस हिरासत में अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करता है। लुकवीया को बिना किसी उचित कारण के लंबे समय तक हिरासत में रखा गया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह मुआवजा मिला।
