सरकार अवैध रूप से काम करने वाले श्रमिकों को रोजगार देने वाले नियोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, ऐसे नियोक्ताओं पर अधिकतम 100,000 रैंड तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम व्यापक आव्रजन और श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी श्रमिकों को उचित श्रम अधिकार प्राप्त हों और देश के कानूनों का पालन किया जाए। इस पहल से उन नियोक्ताओं पर दबाव बढ़ेगा जो दस्तावेज़ रहित श्रमिकों को कम लागत पर काम पर रखते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई श्रम बाजार में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने में मदद करेगी। जुर्माने के अलावा, सरकार अन्य प्रवर्तन उपायों पर भी विचार कर रही है।