पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक शीर्ष मानवाधिकार कार्यकर्ता, महরাং बलोच, को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। यह सजा 2024 में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अर्धसैनिक बलों के एक सदस्य की मौत के मामले में दी गई है। बलोच लंबे समय से पाकिस्तान में जबरन गायब होने के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं। ब्रिटिश मीडिया, बीबीसी ने इस मामले की जानकारी दी है। अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं के बीच चिंता पैदा कर रहा है। इस मामले ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
