रूस के सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने मोल्दोवा की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि पश्चिमी देशों ने मोल्दोवा को एक "कठपुतली शासन" में बदल दिया है, जिसका उपयोग रूस के खिलाफ किया जा रहा है। यह आरोप रूस की सरकारी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्टी द्वारा जारी किए गए एक बयान के माध्यम से सामने आया है। मेदवेदेव ने मोल्दोवा पर नाटो के हितों को आगे बढ़ाने और रूस को उकसाने का आरोप लगाया है। इस बयान से रूस और मोल्दोवा के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। क्रेमलिन ने पहले भी मोल्दोवा में पश्चिमी प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। यह घटनाक्रम पूर्वी यूरोप में भू-राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना सकता है।