केंद्र सरकार ने 22 से 30 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क (excise duty) पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। यह निर्णय इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा देने और देश को जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस कदम से पेट्रोल की कीमतों में कमी आने की संभावना है, हालांकि यह कमी विभिन्न राज्यों में करों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। सरकार का लक्ष्य 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण (E20) प्राप्त करना है, और यह निर्णय उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को भी लाभ होगा क्योंकि इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों का उपयोग किया जाता है। यह पर्यावरण के लिए भी सकारात्मक कदम है, क्योंकि इथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है। इस फैसले से देश में इथेनॉल उत्पादन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।