आगामी 30 जून की समय-सीमा से पहले, बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासियों के मुद्दों को उठाने के लिए मार्च और मार्च आंदोलन आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन प्रवासियों की मांगों को सरकार के समक्ष रखने का एक प्रयास है। आयोजकों का कहना है कि वे उचित आव्रजन नीतियों और प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए दबाव बनाएंगे। प्रदर्शनकारियों का लक्ष्य सरकार पर नीतिगत बदलाव लाने के लिए दबाव डालना है। आंदोलन में विभिन्न समुदायों और संगठनों के सदस्य शामिल होंगे। यह प्रदर्शन प्रवासियों के भविष्य को लेकर चल रही चिंताओं को दर्शाता है। सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।