ऑस्ट्रेलिया के डार्विन स्थित कुख्यात डॉन डेल यूथ डिटेन्शन सेंटर में 2014 में हुई आँसू गैस की घटना के चार पूर्व कैदियों को उच्च न्यायालय ने कम मुआवजा दिया है। पहले उन्हें भारी भरकम हर्जाना दिया गया था, लेकिन उच्च न्यायालय ने उस राशि को कम कर दिया है। यह मामला 2014 की उस घटना से जुड़ा है जिसमें युवाओं पर आँसू गैस का इस्तेमाल किया गया था। न्यायालय ने 'उदाहरण क्षतिपूर्ति' (exemplary damages) की राशि को कम करते हुए कहा कि यह अत्यधिक थी। पीड़ितों ने जेल में दुर्व्यवहार और अमानवीय परिस्थितियों का सामना किया था। इस फैसले से पीड़ितों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में निराशा है, क्योंकि उनका मानना है कि यह अन्याय को बढ़ावा देगा। उच्च न्यायालय का यह निर्णय जेल प्रणाली में सुधार और कैदियों के अधिकारों की रक्षा के महत्व पर फिर से प्रकाश डालता है।
