ऑस्ट्रेलिया में पॉलीन हैंसन प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर विचार कर रही हैं, ठीक उसी तरह जैसे पहले जोह बेलके-पीटर्सन करते थे। बेलके-पीटर्सन को पूरा विश्वास था कि वे प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब हैंसन भी उसी पद के लिए अपनी महत्वाकांक्षाएं व्यक्त कर रही हैं। यह स्थिति ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ ला सकती है। दोनों नेताओं की महत्वाकांक्षाएं, हालांकि अलग-अलग समय की हैं, एक समान पैटर्न दर्शाती हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि हैंसन की दावेदारी किस दिशा में जाती है और ऑस्ट्रेलियाई जनता इस पर कैसी प्रतिक्रिया देती है। इस घटनाक्रम से राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित हुआ है, जो भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।
