ईरान के विदेश मंत्रालय के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में विस्थापित लोगों की संख्या बढ़ रही है। उनका कहना है कि जब तक प्रमुख शक्तियां युद्ध की नीतियों को नहीं छोड़तीं, शरणार्थी संकट लाखों लोगों के लिए एक वास्तविकता बना रहेगा। तेहरान में दिए गए एक बयान में, उन्होंने इस संकट के मूल कारणों पर प्रकाश डाला, जिसका सीधा संबंध वैश्विक संघर्षों से है। उप मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से शांतिपूर्ण समाधानों को प्राथमिकता देने और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में स्थिरता लाने के प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि शरणार्थियों की समस्या का समाधान केवल युद्ध नीतियों में बदलाव से ही संभव है। यह बयान वैश्विक स्तर पर शरणार्थी संकट की गंभीरता और इसके दीर्घकालिक प्रभावों को दर्शाता है। ईरान का मानना है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और कूटनीति के माध्यम से ही इस मानवीय त्रासदी का निवारण किया जा सकता है।