मोरक्को में एक फ्रांसीसी-अल्जीरियाई प्रभावकार को दोषी ठहराया गया है, लेकिन फ्रांस में इस मामले पर उल्लेखनीय चुप्पी है। आमतौर पर, जब कोई फ्रांसीसी नागरिक विदेश में गिरफ्तार होता है, तो फ्रांस सरकार उसकी रिहाई के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करती है। इस मामले में, फ्रांसीसी अधिकारियों, राजनेताओं और मीडिया की ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। आलोचकों का कहना है कि यदि पीड़ित की पृष्ठभूमि अलग होती तो प्रतिक्रिया भिन्न हो सकती थी। यह घटना फ्रांस में विदेश नीति और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर बहस को जन्म दे सकती है। इस मामले पर आगे की जानकारी का इंतजार है।