फिनलैंड में किरायेदारी कानून में हाल ही में हुए बदलावों को मंजूरी दी गई है। इन संशोधनों के तहत, मकान मालिकों को किरायेदार को बेदखल करने के लिए कम समय मिलेगा। इसके अतिरिक्त, हाउसिंग कंपनियां अब अल्पकालिक किराये से होने वाले नुकसान के आधार पर आवासीय इकाइयों पर नियंत्रण कर सकती हैं। ये बदलाव मकान मालिकों और हाउसिंग कंपनियों के अधिकारों को मजबूत करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किराये की बाजार में कुछ बदलाव आ सकते हैं। सरकार का कहना है कि ये संशोधन किरायेदारी संबंधों को अधिक संतुलित बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य मकान मालिकों के हितों की रक्षा करना और आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।