सिंगापुर में, लियाउ वान टिंग को झूठे बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराया गया है। उसने अपने पूर्व प्रेमी के साथ सहमति से यौन संबंध बनाए थे, लेकिन बाद में उस पर बलात्कार का आरोप लगाया। जांच में पता चला कि उसने अपने पूर्व प्रेमी को गर्भावस्था की जिम्मेदारी लेने से रोकने के लिए यह झूठा आरोप लगाया था। बाद में, उसने खुद स्वीकार किया कि आरोप गलत था और वह नहीं चाहती थी कि उसके पूर्व प्रेमी को जेल जाना पड़े। अदालत ने उसे अपराध के लिए दोषी ठहराया और सजा सुनाई। यह मामला झूठे आरोपों के गंभीर परिणामों और न्याय प्रणाली पर इसके प्रभाव को दर्शाता है।