चुनाव आयोग (IEC) ने एक पंजीकरण अधिकारी पर फर्जी मतदाताओं को पंजीकृत करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोप है कि अधिकारी के पास कई पहचान पत्र थे और वह उन मतदाताओं को पंजीकृत कर रहा था जो मतदान केंद्र पर शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थे। यह मामला तब सामने आया जब अधिकारी संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया। आयोग ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह घटना चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। आयोग का कहना है कि वह ऐसे किसी भी कदाचार को बर्दाश्त नहीं करेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। इस मामले में आगे की जांच जारी है और अधिक जानकारी जल्द ही सामने आने की संभावना है।
