कंपनियों द्वारा सभी वित्तीय लेन-देन बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से करने पर कर दर में 2.5 प्रतिशत तक की कमी करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह नया प्रस्ताव शेयर बाजार में सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध दोनों प्रकार की कंपनियों के लिए कर ढांचे में बदलाव लाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, जिन कंपनियों के कम से कम 10 प्रतिशत शेयर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं, उनके लिए मौजूदा 22.5 प्रतिशत की कर दर घटकर 20 प्रतिशत हो जाएगी। सरकार का यह कदम डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने और कर चोरी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर राजस्व में भी सुधार होगा। इस बदलाव से कंपनियों को लाभ होने की उम्मीद है, जिससे निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार जल्द ही इस प्रस्ताव को लागू करने की योजना बना रही है।