मई महीने के अंत तक देश का कुल सरकारी ऋण 60.6% जीडीपी तक पहुँच गया है, जिसका मूल्य 1.169 खरब डॉलर है। पिछले वर्ष की तुलना में, इस ऋण में 8.3% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वृद्धि का मुख्य कारण घरेलू ऋण में हुई बढ़ोतरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि आर्थिक गतिविधियों और सरकारी खर्चों से जुड़ी है। सरकार इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वित्तीय नीतियों पर ध्यान दे रही है। ऋण के इस स्तर का अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह आँकड़ा देश की वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।