लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया रूस के साथ संभावित युद्ध की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने अनिवार्य सैन्य सेवा को फिर से शुरू किया है। ये देश भारी मात्रा में तोपखाने, HIMARS रॉकेट सिस्टम और वायु रक्षा प्रणालियों की खरीद कर रहे हैं। बाल्टिक राष्ट्र अपनी सुरक्षा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वहीं, स्लोवाकिया के पास एक पूर्ण वायु रक्षा प्रणाली का अभाव है। यह तीनों देश रूस से संभावित खतरे को देखते हुए अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं। स्लोवाकिया की तैयारी का स्तर बाल्टिक देशों की तुलना में अलग है। यह कदम पूर्वी यूरोप में बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव को दर्शाता है।
