यूरोपीय संघ के देशों के लिए रूस से गैस की आपूर्ति में कमी को पूरा करने का एक नया स्रोत अफ्रीका बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ वर्षों में अफ्रीका से आने वाली गैस, रूस से होने वाली आपूर्ति की जगह ले सकती है और अमेरिका पर निर्भरता से बचा सकती है। हालांकि, यह संभावना तभी साकार हो पाएगी जब अल्जीरिया और मोरक्को गैस संसाधनों को लेकर आपस में युद्ध न करें। वर्तमान में, दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है, जो इस आपूर्ति मार्ग के लिए एक बड़ा खतरा है। यदि दोनों देश संघर्ष में उलझ जाते हैं, तो यूरोप को एक नए ऊर्जा स्रोत की तलाश जारी रखनी होगी। यह स्थिति यूरोपीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक जटिल चुनौती प्रस्तुत करती है। अफ्रीका में गैस उत्पादन क्षमता मौजूद है, लेकिन राजनीतिक स्थिरता एक महत्वपूर्ण कारक है।